
मेडिकल कॉलेज खंडवा के आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन तीन माह से अटका, मंत्री, विधायक, महापौर, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।
खण्डवा। नंदकुमार सिंह चौहान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सह-अस्पताल खण्डवा में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के
वेतन भुगतान नहीं होने से उपजी गंभीर आर्थिक परेशानी को लेकर परेशान है। समाजसेवी पूर्व रोगी कल्याण समिति सदस्य सुनील जैन ने बताया कि गुरुवार को आनंद नगर स्थित मेडिकल कॉलेज कैंपस में प्रदेश के जनजातीय कार्य एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह, विधायक कंचन मुकेश तंनवे, एवं महापौर अमृता अमर यादव और कलेक्टर ऋषव गुप्ता को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने जनप्रतिनिधियों को बताया कि बीते तीन माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है।
आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्ष 2018 से मेडिकल कॉलेज की स्थापना के समय से विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। नियमित स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने की स्थिति में इन्हीं कर्मचारियों ने कॉलेज एवं अस्पताल की व्यवस्थाएं संभालीं। कोरोना काल (2020-22) के दौरान भी जोखिम भरे हालात में कर्मचारियों ने निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दीं। कर्मचारियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि मल्टी टास्किंग पदों—जिनमें कंप्यूटर ऑपरेटर और मेंटेनेंस से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं—के लिए शासन स्तर पर वेतन मद निर्धारित नहीं होने के कारण नवंबर 2025 से भुगतान रोक दिया गया है। जबकि हाउसकीपिंग और सुरक्षा कर्मियों के पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को वेतन मिल रहा है। आउटसोर्स कर्मचारियों ने बताया कि इस संबंध में कई बार कॉलेज प्रशासन से चर्चा की गई। अधिष्ठाता द्वारा वरिष्ठ कार्यालय से संपर्क कर समाधान का आश्वासन दिया गया, जिसके चलते कर्मचारियों ने हड़ताल का निर्णय भी टाल दिया। बावजूद इसके अब तक समस्या का निराकरण नहीं हो सका है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि कर्मचारियों को छह माह का बोनस, 11 माह का एरियर्स और 12 माह का लीव वेजेस भी अब तक नहीं मिला है। कर्मचारियों ने मंत्री से मांग की है कि नवंबर 2025 से रोके गए वेतन का शीघ्र भुगतान कराया जाए तथा भविष्य में सेवा की निरंतरता और वेतन व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए। सुनील जैन ने बताया कि मंत्री कुंवर विजय शाह एवं जनप्रतिनिधियों ने कर्मचारियों को आशवस्त किया कि आपकी बात मुख्यमंत्रीजी एवं उच्च अधिकारियों के समक्ष रखकर इस समस्या का निराकरण करवाएंगे।











